☀ ♥ जुलाई , 2022: दिन - : शुद्ध हवा , शुद्ध पानी और चारों तरफ हरियाली। इन्हीं से हैं , मानव जीवन में खुशहाली।। ♥☀ ♥

मंगलवार, 1 फ़रवरी 2022

इन्तजार

 

INTEZAR IN HINDI - EK NAI DISHA


संजय और सीमा एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। प्यार काॅलेज के समय से था। दोनों में बहुत सामन्जस्य था, एक-दूसरे की हर पसन्द-नापसन्द को बखूबी समझते थे। इसलिए पढ़ाई पूरी कर दोनों ने शादी का फैसला लिया तो दोनों के परिवार वाले राजी भी हो गये। पर शादी भी झटपट हो गई, जैसे कि कायनात इन दोनों को मिलाने के लिए जुट गई हो। 

दोनों का विवाह हो जाने के बाद सभी बहुत खुश थे। दिन बीते, महीने बीते, साल बीते और जैसा हर शादी के बाद होता है- उन दोनों पति-पत्नि में भी छोटे-मोटे झगड़े होना शुरू हो गये। प्यार तो खत्म ही हो चुका था। बस बची थी-नाराजगी। कभी छोटे-छोटे कारणों पर झगड़े होते तो कभी झगड़े का कारण भी पता नहीं चल पाता था।

संजय अपने ऑफिस  जाकर घर की समस्या को अपने काम और अपने साथियों के बीच भूल जाता था। पर सीमा उसी ऊहापोह में सारा दिन बिताती थी, जिसकी वजह से वह बहुत बीमार रहने लगी थी। उसकी सेहत दिन-ब-दिन गिरती जा रही थी। उसकी पड़ोस में रहने वाली आण्टी ने उसे सलाह दी कि किसी डाॅक्टर को दिखा दो- तुम्हारी हालत ठीक नहीं लग रही है। 

बुधवार, 26 जनवरी 2022

गणतंत्र-दिवस २०२२ की हार्दिक शुभकामनाएँ !

 

HAPPY REPUBLIC DAY 2022 - EK NAI DISHA

'ए नई दिशा' की ओर से आप सभी को गणतंत्र-दिवस २०२२ की हार्दिक शुभकामनाएँ !  


#RepublicDay
#गणतंत्रदिवस

Image:Ek_Nai_Disha_2022

रविवार, 9 जनवरी 2022

आत्म-मंथनः सफलता की कुंजी

 

AATMA MANTHAN - EK NAI DISHA

असफलता ! क्या होती है ये ? हम सभी के साथ होता है, कभी न कभी हमने इसका मुख जरूर देखा होगा। तो क्या हमें असफल होने के बाद रूक जाना चाहिए ? जिस कार्य में सफलता ना मिले, उसे छोड़ देना चाहिए या टूट कर मन को दुःखी कर उस काम को छोड़ देना चाहिए ? क्या करना चाहिए ? क्या ठीक होगा ? कौन देगा हमारे इन प्रश्नों का उत्तर ? ये बात कभी आपने सोची है। 

एक बार मैं किसी बात से नाराज होकर उदास बैठी थी, बस लगता था कि सब कुछ खतम सा हो गया, कुछ भी ठीक नहीं हो पायेगा, पर एक रोशनी की छोटी-सी किरण ने मेरी लाइफ में उजाला करने का काम किया और ये रोशनी आप सभी के जीवन तक पहुँचे, मैं यही चाहती हूँ - और ये सब हुआ एक छोटी सी पाॅजीटिव स्टोरी के माध्यम से, जो मैं आपके साथ शेयर करना चाहती हूँ।

एक बार एक कपड़ों के व्यापारी को अपने कारोबार में बहुत ज्यादा घाटा सहना पड़ा। किस्मत की ऐसी मार पड़ी कि उसके मिल में आग लग गई। सब कुछ जलकर खाक हो गया। रातों-रात करोड़ों का करोड़पति कहलाने वाला व्यापारी रूपये की मद्द के लिए दर-दर भटकने लगा। उसे कुछ भी रास्ता नजर नहीं आ रहा था। 

सुनो सुनो सुनो ....
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यदि आप अपनी रचना 'एक नई दिशा' पर प्रकाशित करना चाहते हैं, तो अपनी रचना के साथ हमें ई-मेल करें – eknaidisha2021@gmail.com ...