☀ तथ्य ☀ :: 28 नवंबर ♥ 1. आज के दिन कैप्टन इन्द्राणी सिंह 1996 में एयरबस ए-300 विमान को कमांड करने वाली पहली महिला बनीं। 2. आज ही के दिन फर्डिनान्द मैगलन ने 1520 में प्रशांत महासागर को पार करने की शुरुआत की। 3.आज ही के दिन लंदन में द रॉयल सोसायटी का 1660 में गठन हुआ। 4.द टाइम्स ऑफ लंदन को 1814 में पहली बार स्वचालित प्रिंट मशीन से छापा गया। 5.भारत के महान् विचारक, समाज सेवी तथा क्रान्तिकारी ज्योतिबा फुले का निधन 1890 में हुआ। ♥

सोमवार, 8 अगस्त 2016

पहला प्यार

Pehla Pyar in Hindi

क्या होता है प्यार ? इसकी  एक अद्धभुत छवि हमारे मन-मस्तिष्क में हमेशा विद्यमान रहती है और जब 'प्यार' लब्ज़ हमारे कानों में पड़ता है तो  हमारी इन्द्रियाँ भावुक हो जाती हैं, हमारा हृदय कोमल हो जाता है और बात  जब पहले प्यार की हो तब  ?  पहले प्यार के अहसास से शायद ही कोई शख्स अछूता होगा। इस पहले प्यार की  भावना ने सभी के दिल में कभी ना कभी दस्तक जरूर दी होगी। पहले प्यार की बात आते ही हम अपने अतीत को खंगालने में लग जाते हैं। इसकी स्मृतियाँ ना जाने कितने समय तक हमें घेरे रहती हैं। हमारे ह्रदय को कभी ना कभी इस पहले प्यार के अहसास ने जरूर छुआ होगा, जो हमारे अविस्मृत पल हैं , जिनको शायद भूला पाना  हमारे वश में नहीं है।  अगर ये पल  अच्छे होते हैं तो हमारे मन को सुकून पहुँचाते हैं और होठों को एक मुस्कुराहट दे जाते है। यदि बुरे अनुभव से हमारा वास्ता हुआ है, तो ये हमारे मन -मस्तिष्क  को कष्ट भी पहुँचा जाते हैं।

पर ये पहला प्यार आखिर में होता क्या है ? क्या दिल में किसी के प्रति  उठने वाली भावना को प्यार कहते हैं या फिर आकर्षण को ? क्या प्यार को उम्र के बंधन में बांधा जा सकता है ? नहीं ना। 

मंगलवार, 14 जून 2016

नफ़रत

Nafrat in Hindi


बात उन दिनों की है ,जब शेखर स्कूल में पढता था। वह पढाई में बहुत ही होनहार था। उसके जीवन में एक ही शख्स था और वो थीं उसकी दादी, जिनसे शेखर बेइंतहां नफरत करता था। उसके माता -पिता के गुजर जाने के बाद दादा और दादी ने शेखर को सम्भाला। जब शेखर मात्र 7 वर्ष का था, तभी दादाजी ने भी दुनियां को अलविदा कह दिया। अब महज शेखर की दादी ही थीं ,जो शेखर का ख्याल रखतीं थी।  पर ऐसी क्या वजह थी जो शेखर अपनी दादी माँ से इतनी नफरत करता था ? उसकी वजह  दादी का एक आँख का होना था। जिसके कारण शेखर के दोस्त उसे चिढ़ाते थे। शेखर के घर कोई भी दोस्त आना नहीं चाहते थे। शेखर का  दादी के प्रति नफरत दिन -ब -दिन बढ़ता  जा रहा था ।

एक दिन शेखर अपना टिफिन घर पर भूल गया  और  दादी शेखर को टिफिन देने के लिए शेखर के स्कूल चली गईं। फिर वही हुआ जिसका शेखर को डर  था। जैसे ही दादी स्कूल में आई, शेखर को दादी के जाते  ही
 बच्चे  चिढ़ाने लगे। शेखर को यह बाद इतनी बुरी लगी कि उसने घर आकर अपनी दादी से कह दिया कि आप भी दादा जी की तरह भगवान के पास क्यों नहीं चली जातीं ? मैं आपकी शक्ल भी नही  देखना चाहता हूँ।