☀ ♥ सितम्बर , 2022: दिन - :: आज़ादी के अमृत महोत्सव की अनुपम बेला - भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष । : "सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते ।।" आप सभी को 'एक नई दिशा' की ओर से नवरात्रि 2022 की हार्दिक शुभकामनाएं !♥ ♥ ♥☀ ♥

सोमवार, 29 मार्च 2021

होली है !

HOLI HAI


सबसे पहले मैं अपने सभी मित्रों को होली की शुभकामनाएँ देना चाहती हूँ। कितनी खुशियों का त्यौहार है ये होली ! ये होली, ये रंग, ये रंग भरे चेहरे, मिठाईयाँ, गुलाल और ना जाने क्या-क्या ? हम सभी को न जाने कितनी खुशियाँ दे जाती हैं ये । अगर ये ना हो तो हमारी भागम-भाग भरी जिन्दगी में वक्त ही नहीं है कि हम खुद के लिए जी सकें। नहाना-धोना तो हम रोज ही करते हैं पर रंगो से सराबोर होने में जो आनन्द आता है, उसकी तो कोई तुलना ही नहीं है।




इसी बहाने हम ना जाने कितनी सुन्दर यादों को अपने जेहन में समेट लेते हैं, जो हमारे जीवन जीने की वजह होते हैं। इन रंगों का अर्थ ही यही है कि हम सब एक हो जायें। पर कुछ चेहरे ऐसे भी होते हैं, जो  रंग जाने के बाद भी अपने मन की मैल रुपी कालिमा को वैसे ही बनाये रखते हैं और इस खूबसूरत त्यौहार को अपनी बुरी हरकतों से बुरा और बदसूरत बना देते हैं। मैं ऐसे सभी लोगों से कहना चाहती हूँ कि किसी के जीवन में खुशियों के रंग भरिये, आँसू और दुःख के नहीं। यही होली त्यौहार का वास्तविक संदेश है।


आप सभी को रंगो के इस पर्व होली की एक बार फिर से हार्दिक शुभकामनाएँ।


Image:Google 

शनिवार, 20 मार्च 2021

तपिश की ठंडक

 

TAPISH KI THANDAK IN HINDI


मैं इस पोस्ट के द्वारा आप सभी के समक्ष एक बहुत महत्वपूर्ण टाॅपिक पर अपनी बात रखना चाहती हूँ , जिस पर हम सभी कभी ध्यान नहीं देते हैं या इस पर किसी के द्वारा कही गई बात अथवा सलाह शायद हमें अच्छी नहीं लगती है। हम सभी ने अपने बचपन में अपने माता-पिता को हमारी बहुत सारी महत्वपूर्ण माँगों के लिए अवश्य ही उन्हें न कहते पाया होगा, कभी दोस्तों की अच्छी चीजों को अपने पास भी होने की चाह में पिता के द्वारा मना कर देने से उन पर कभी हम क्रोधित भी हुए होंगे तो कभी दुखी। 


कभी उनकी  बिना वजह की रोक-टोक, तो कभी नाहक नाराजगी भी अपने ऊपर देखी होगी, जो हमें कभी पसन्द नहीं आई। माँ की डाँट में ‘फिक्र‘ और पिता के डाँट में ‘हमारे जीवन को सुन्दर और बेहतर बनाने की सीख‘ को हम हमेशा नजरअंदाज कर देते थे, पर उन बातों में हमारे लिए पूरे जीवन को मुश्किलों से लड़ने की जो सीख होती है, ये हम नहीं समझते हैं।


मैं अपने जीवन के तजुरबे से कह सकती हूँ कि हम सभी के माता-पिता ने हमारे लिए जो कुछ किया, हमें उसके लिए उन्हें दिल से धन्यवाद कहना चाहिए, ना कि उन्हें दोषी ठहराना चाहिए। 

गुरुवार, 11 मार्च 2021